भारत WTO Fisheries Subsidies Agreement में शामिल हुआ
भारत Instrument of Acceptance जमा करके WTO Fisheries Subsidies Agreement में शामिल होने वाला 123वां सदस्य बना। इस समझौते का उद्देश्य अवैध, अनियंत्रित और अनियमित मछली पकड़ने से जुड़ी हानिकारक सब्सिडी को रोकना है।
भारत 20 July 2026 को औपचारिक रूप से WTO Fisheries Subsidies Agreement का पक्षकार बन गया। Instrument of Acceptance Commerce Secretary Rajesh Agrawal ने WTO Director-General Ngozi Okonjo-Iweala को सौंपा। यह समझौता Geneva में 12th WTO Ministerial Conference में अपनाया गया था और पर्यावरणीय स्थिरता से जुड़ा WTO का पहला विशेष समझौता माना जाता है। इसका उद्देश्य अवैध मछली पकड़ने, अत्यधिक दोहन वाली मछली भंडारों और समुद्री संसाधनों को नुकसान पहुंचाने वाली सब्सिडी पर नियंत्रण लगाना है। Aquaculture और inland fisheries इसके दायरे से बाहर रखे गए हैं।